50,000 Engineering Seats Reduced in Last 3 Years & 30,000 this Year - AKTU to AICTE

In Uttar Pradesh, report send by AKTU to AICTE - Their are 23 engineering and management colleges in session 2017-18 where admission is zero whereas 40 colleges have less than 50% admission and rest seats are vacant. About 50 thousand seats have been reduced in the last three years in Uttar Pradesh AKTU.

In next session 2018-19 - 17 engineering colleges affiliated to Dr. APJ AKTU have applied for the closure of all their courses by sending a letter to the University and AICTE, three of these applications have been accepted. While 93 private colleges have sent proposals to cut 25% of their seats, their proposal has also been accepted.

So far, 41 Dr. APJ AKTU colleges have applied for closure their all courses, maximum colleges from  NCR and Meerut. There are about 20,000 seats of engineering in these colleges. 10,000 seats already reduced as 19 AKTU colleges has already closed in this session. In this way more than thirty thousand seats will be reduced this year.

AKTU Change Counselling Process - https://goo.gl/sFrZwb

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय की मान्यता लौटाने के लिए अब तक 41 कॉलेज आवेदन कर चुके हैं। इसमें एनसीआर और मेरठ के कॉलेजों की संख्या ज्यादा है। इन कॉलेजों में इंजिनियरिंग की करीब बीस हजार सीटें हैं। 19 कॉलेजों की मान्यता पहले ही समाप्त होने से लगभग दस हजार सीटें कम हो चुकी हैं। ऐसे में इस साल तीस हजार से अधिक सीटें कम हो जाएंगी।

यूपी के कॉलेजों की बात करें तो एकेटीयू की ओर से एआईसीटीई को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक सत्र 2017-18 में कुल 23 ऐसे कॉलेज हैं जिनमें एडमिशन शून्य रहा है जबकि 40 ऐसे कॉलेज हैं, जिनमें 50 प्रतिशत से कम एडमिशन हुए। ऐसे में अकेले बीस हजार सीटें यूपी से कम होंगी। हालांकि कई कॉलेजों ने एआईसीटीई से दो वर्ष का समय मांगा है। इन संस्थानों का कहना है कि वह दो सालों में अपने यहां छात्रों की संख्या बढ़ा लेंगे। एआईसीटीई अधिकारियों की मानें तो ऐसे संस्थानों को एक मौका दिया जाएगा।

एकेटीयू से संबद्ध प्रदेश के 17 इंजीनियरिंग कॉलेजों ने विश्वविद्यालय और एआईसीटीई को पत्र भेजकर अपने सभी कोर्स बंद करने लिए आवेदन किया है। इनमें से तीन के आवेदन स्वीकार किए जा चुके हैं। जबकि 93 निजी कॉलेजों ने खुद अपने कॉलेज की 25 फीसदी सीटें घटाने का प्रस्ताव विश्वविद्यालय और एआईसीटीई को भेजा है। इनके प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया गया है।

एकेटीयू में पिछले तीन सालों में लगभग 50 हजार सीटें कम हो गई हैं। साल 2015 में एकेटीयू ने लगभग 1.91 लाख सीटों पर दाखिले लिए थे। उसके अगले ही साल 2016 में 22 हजार सीटें घट गईं हैं और 1.69 लाख सीटों पर एडमिशन लिए गए। इस साल 23 हजार सीटें घट गईं और 1.46 लाख सीटों पर एडमिशन हुए। वहीं अगले साल अब यह सीटें दस हजार घट कर 1.36 पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि, पिछले तीन साल की घटती सीटों पर नजर डाली जाए तो इस साल लगभग आधी सीटें ही घटीं हैं।

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